बैतूल इंदर प्रीत *बैतूल की पत्रकारिता को पतन की ओर ले जा रहा है एक तथाकथित पत्रकार

 बैतूल इंदर प्रीत 

*बैतूल की पत्रकारिता को पतन की ओर ले जा रहा है एक तथाकथित पत्रकार*            


बैतूल। आज बैतूल की पत्रकारिता एक तथाकथित पत्रकार के चलते बदनाम हो रही है ‌ यह तथाकथित पत्रकार छात्रावास से लेकर सहकारी समितियां कॉलोनाइजर व्यापारी वर्ग समाजसेवी संस्थाओं को निशाना बनाता है।तथा उनके खिलाफ भ्रामक और झूठी खबरें प्रकाशित करके उनका चरित्र हनन करने में कोई कसर नहीं छोड़ता है। यह व्यक्ति पत्रकारिता की आड़ में ब्लैकमेलिंग अड़ीबाजी के लिए पूरे जिले में बदनाम है। इसने तो हद तब कर दी जब इसने एक बैरियर पर अड़ीबाजी करते हुए बुरी तरह लात जूते खाया। इस हादसे में यह अपंग भी हो गया 


था। यह तथाकथित पत्रकार बैतूल की पत्रकारिता को पतन की ओर ले जा रहा है। इसकी इन्हीं हरकतों के कारण इसे सारणी पाथाखेड़ा में बुरी तरह से मारपीट कर इसे वहां से भगाया गया है। यह इन्हीं हरकत के कारण कई जगह लात घुसे जूते खा चुका है। "कहीं का ईट कहीं का रोड़ा भानमती ने कुनबा जोड़ा" इसकी लेखनी में शामिल है। यह वह व्यक्ति है जिसके खिलाफ जिले के थानों में लगभग 15 से 20 अपराध पंजीबद्ध रहे हैं। इतने अपराध पंजीबद्ध होने के बाद भी यह व्यक्ति अपने आप को चरित्रवान साफ-पाक बताता है। ईश्वर तथा अतीत पत्रकार ने तो हद तब कर दी थी जब इसने एक नाबालिक के साथ छेड़छाड़ की थी जिस पर इसके खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया था। दूसरों के मामले में टांग अड़ाना अधिकारियों के सामने अपने आप को ज्ञानवान समझना इसकी आदत में शुमार है। शुरू शुरू में तो यह अधिकारियों से व्यवहार बनाता है।तथा बाद में जब वह अधिकारी इसे घास नहीं डालता है तो यह उसके खिलाफ उल- जलूल समाचार प्रकाशित कर उसे बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ता है। इस पत्रकार की शेष विशेषताएं शीघ्र ही प्रकाशित की जाएगी।

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