✍️ इरशाद खान
सेल्टिया जलाशय हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा
बोरदेही पुलिस की त्वरित कार्रवाई, 4 आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
मजदूरी के पैसों के विवाद में युवक की हत्या, शव जलाशय में छुपाया
बैतूल। जिले के बोरदेही थाना क्षेत्र में हुए चर्चित सेल्टिया जलाशय हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। हत्या की वजह मजदूरी के पैसों का लेन-देन विवाद बताया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी एवं एसडीओपी मुलताई शिव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में थाना बोरदेही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश किया।
पुलिस के अनुसार 15 मई 2026 को सूचना मिली थी कि ग्राम कारोपानी के समीप सेल्टिया जलाशय में एक युवक का शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम बट्टी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
मौके पर युवक का शव पानी में औंधे मुंह पड़ा मिला, जिसे एक भारी पेड़ के तने के नीचे दबाकर छुपाया गया था। मृतक के सिर, गर्दन, गले और पीठ पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए। शव की पहचान 22 वर्षीय राजू उईके निवासी ढाकरवाड़ी, थाना नवेगांव, जिला छिंदवाड़ा के रूप में हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने और गंभीर चोटों के कारण मौत होने की पुष्टि हुई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक और आरोपियों के बीच मजदूरी के पैसों को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने हत्या की साजिश रची।
पुलिस जांच में सामने आया कि 13 मई को एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद राजू उईके आरोपियों के साथ मोटरसाइकिल से गया था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ और परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
आरोपियों ने मिलकर पहले मृतक के साथ मारपीट की और फिर उसकी हत्या कर शव को जलाशय में पेड़ के भारी तने के नीचे दबाकर छुपा दिया, ताकि घटना का खुलासा न हो सके।
गिरफ्तार आरोपी
रुपेश पिता लखन कवडे निवासी ग्राम टुई ढाना सेल्टिया, थाना नवेगांव, जिला छिंदवाड़ा
आयुष पिता त्रिलोक नर्रे निवासी ग्राम बामला, थाना बोरदेही, जिला बैतूल
तेजीलाल पिता तिलक उईके निवासी ग्राम ढाकरवाड़ी, थाना नवेगांव, जिला छिंदवाड़ा
एक विधि-विरुद्ध बालक
पुलिस ने बताया कि मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
थाना बोरदेही में अपराध क्रमांक 95/26 के तहत धारा 103(1), 238(क), 190, 191(2), 191(3) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने हत्या जैसे गंभीर मामले का त्वरित खुलासा करने पर थाना बोरदेही पुलिस टीम की सराहना की है। उन्होंने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
इस कार्रवाई में एसडीओपी एस.के. सिंह, निरीक्षक राधेश्याम बट्टी, एएसआई मिंतलाल धुर्वे, प्रधान आरक्षक हरिराम डडोरे, अनिल धुर्वे सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


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