✍️ इरशाद खान
कलेक्टर कार्यालय में वर्षों से जमे अधिकारी-कर्मचारी, समय पर नहीं पहुंचने पर भी उठे सवाल
बैतूल। जिला कलेक्टर कार्यालय एक बार फिर चर्चाओं में है। जहां एक ओर कई अधिकारी-कर्मचारी वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं, वहीं दूसरी ओर कार्यालय में समय पर उपस्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
सूत्रों के अनुसार, कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ कुछ अधिकारी और कर्मचारी लंबे समय से एक ही सीट पर जमे हुए हैं। इनमें उपर कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ उदासी बाबू ग्रेड-2 सहित अन्य कर्मचारियों के नाम भी चर्चाओं में हैं। ट्रांसफर न होने को लेकर आमजन और कर्मचारियों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानांतरण नीति का उद्देश्य कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और नई ऊर्जा लाना होता है। लंबे समय तक एक ही स्थान पर बने रहने से कार्यप्रणाली प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे में समय-समय पर तबादला आवश्यक माना जाता है, लेकिन यहां इस नीति का पालन होता नजर नहीं आ रहा है।
वहीं, कलेक्टर कार्यालय में कर्मचारियों के समय पर नहीं पहुंचने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि कई विभागों में कर्मचारी सुबह 11–12 बजे तक कार्यालय पहुंचते हैं, जिससे दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। इससे आमजन को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि बैतूल जिले में नए कलेक्टर के पदभार संभालने के बाद उनके कार्यों की काफी सराहना हो रही है। वे जमीनी स्तर पर पहुंचकर काम कर रहे हैं और व्यवस्थाओं को सुधारने का प्रयास भी कर रहे हैं। बावजूद इसके, कलेक्टर कार्यालय के अंदर की व्यवस्थाओं पर भी ध्यान देने की जरूरत महसूस की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि बैतूल के पूर्व कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने रीवा कलेक्टर का पद संभालते ही सख्त रुख अपनाया था। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सुबह 10 बजे तक सभी अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित रहें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। समयपालन को लेकर उनकी सख्ती के चलते प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार भी देखने को मिला था।
अब देखना यह होगा कि बैतूल में भी कलेक्टर कार्यालय की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं और लंबे समय से जमे अधिकारियों-कर्मचारियों के स्थानांतरण तथा समयपालन को लेकर प्रशासन कितना गंभीर रुख अपनाता है।


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