✍️ बैतूल इरशाद खान
अवैध जुए के भट्टों पर बड़ा सवाल: झल्लार–कामीदिया और काटकुम में खुलेआम जुआ संचालित
बैतूल। जिले के झल्लार थाना क्षेत्र के कामीदिया गांव में कथित तौर पर अवैध जुए का बड़ा भट्टा संचालित होने की चर्चा जोरों पर है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि जुए से जुड़ी किसी भी बातचीत में सबसे पहले “कल्लू एजेंट (झल्लार)” का नाम सामने आता है। आरोप है कि उसके साथ हमीद, मुच्ची काका, लाला (आठनेर), बज्जू और गुल्लू (कामीदिया) सहित एक संगठित गैंग सक्रिय है, जो लंबे समय से जुए का संचालन कर रही है।
सूत्रों के अनुसार इस कथित भट्टे में स्कूल–कॉलेज के छात्र और आम नागरिक भी फंस रहे हैं, जो मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं। दावा यह भी है कि जुआ खेलने वालों को लाने–ले जाने के लिए कई वाहन लगाए जाते हैं और दांव की रकम 8 से 10 लाख रुपये तक पहुंच जाती है। कुछ लोगों का कहना है कि यहां शराब समेत अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जाती हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि झल्लार थाना से कुछ ही दूरी पर गांव में इतना बड़ा कथित कारोबार कैसे फल–फूल रहा है? जबकि जिले में जुए के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बातें सामने आती रही हैं, फिर भी इस गतिविधि की भनक पुलिस तक क्यों नहीं पहुंची—यह प्रश्न लोगों के बीच चर्चा का विषय है।
इसी तरह काटकुम क्षेत्र में भी एक अन्य कथित भट्टे को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। आरोप है कि वेयरहाउस के भीतर शाकिर भाई द्वारा जुए का भट्टा संचालित किया जा रहा है इसमें ओर भी लोगों के शामिल होने की संभावना है शाम से खिलाड़ियों का आना–जाना शुरू हो जाता है और यह गतिविधि देर रात तक चलती रहती है। खिलाड़ियों को कथित तौर पर यह भरोसा दिलाया जाता है कि वे निश्चिंत होकर खेल सकते हैं, यहां पुलिस नहीं आएगी।
ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वे इस पूरे मामले से परेशान हैं और चाहते हैं कि प्रशासन सख्ती से संज्ञान ले। लोगों की मांग है कि बैतूल के पुलिस अधीक्षक इस प्रकरण को गंभीरता से लेकर निष्पक्ष जांच कराएं और यदि आरोप सही पाए जाएं तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।


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