रमजान उल मुबारक की सभी देशवासियों को मुबारकबाद देशभक्ति ही सबसे बड़ा ईमान पहले हम हिंदुस्तानी इरशाद खान

बैतूल से अकबर खान की रिपोर्ट 

 रमजान उल मुबारक की सभी देशवासियों को मुबारकबाद

देशभक्ति ही सबसे बड़ा ईमान पहले हम हिंदुस्तानी इरशाद खान 


बैतूल। रमजान के पाक महीने के मौके पर समाज में अमन, इंसानियत और देशभक्ति का मजबूत संदेश देते हुए इरशाद खान ने कहा कि जिस देश में हम रहते हैं, उस देश से वफादारी करना हर नागरिक का सबसे बड़ा ईमान है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सबसे पहले हम हिंदुस्तानी हैं, उसके बाद ही हमारी कोई धार्मिक पहचान आती है।

प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट संगठन के प्रदेश सचिव एवं बैतूल जिला अध्यक्ष इरशाद खान ने कहा कि भारत की आन, बान और शान पर जब भी आंच आती है, तो हर नागरिक को बिना किसी भेदभाव के एकजुट होकर देश के लिए खड़े होना चाहिए। देश की रक्षा के लिए यदि प्राणों का त्याग भी करना पड़े, तो उससे कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतिहास हमेशा साहस, सच्चाई और बलिदान करने वालों का लिखा जाता है, कायरों का नहीं।

उन्होंने कहा कि इस्लाम हो या कोई अन्य धर्म, सभी धर्म देश से मोहब्बत, शांति और इंसानियत का पैगाम देते हैं। कोई भी धर्म देश से गद्दारी, नफरत या हिंसा की शिक्षा नहीं देता। जो लोग धर्म के नाम पर आतंक या लोगों को परेशान करते हैं, वे न तो सच्चे धर्म के मानने वाले हैं और न ही सच्चे देशभक्त।

इरशाद खान ने आगे कहा कि हम जिनकी उम्मत हैं, हमारे पैगंबर हज़रत मोहम्मद मुस्तफा (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने तो किसी को एक चांटा मारने से भी मना किया है। भूखे को खाना खिलाना, बेसहारा की मदद करना, देश के लिए अपने प्राणों का त्याग करना और अल्लाह की इबादत करना—यही सच्चा और सबसे बड़ा जिहाद है। उन्होंने कहा कि कुछ जाहिल लोग गोलियां चलाना और लोगों को परेशान करना जिहाद समझते हैं, जबकि यह जिहाद नहीं बल्कि कायरता है।

अंत में इरशाद खान ने पूरे देशवासियों को रमजान की मुबारकबाद देते हुए कहा, “हिंदी हैं हम, वतन है हिंदुस्तान हमारा।” उन्होंने सभी से अपील की कि रमजान के इस पाक महीने में आपसी भाईचारे को मजबूत करें, देश की एकता और अखंडता को सर्वोपरि रखें और आने वाली पीढ़ी को यह संदेश दें कि देश पहले है, धर्म बाद में।

Post a Comment

0 Comments