✍️ बैतूल इरशाद खान
बैतूल की शांत फिजा में जुए का ज़हर, स्विफ्ट डिजायर सहित कई गाड़ियों से लाए–ले जाए जा रहे खिलाड़ी, पुलिस बनी मूक दर्शक!
बैतूल। जिले की पहचान आपसी भाईचारे और शांत वातावरण के लिए रही है, लेकिन अब यही शांत फिजा कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जुए के ज़हर से दूषित की जा रही है। केरपानी से करीब दो किलोमीटर आगे खेत में पट के सामने कल्लू झल्लार, सुभाष, नागले और भेसदाई क्षेत्र में राठौर द्वारा खुलेआम जुआ खिलाया जा रहा है। वहीं काटकुम थाना क्षेत्र के लगभग समीप शाकिर भाई का जुआ अड्डा भी जोरों पर संचालित होने की चर्चाएं हैं।
सूत्रों के अनुसार जुए के इन अड्डों पर बैतूल शहर से स्विफ्ट डिजायर सहित कई चार पहिया वाहनों से बाकायदा खिलाड़ियों को लाया और ले जाया जा रहा है। गाड़ियों की आवाजाही से साफ है कि यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से संचालित हो रहा है, जिसमें बड़े स्तर पर धन का लेन-देन भी हो रहा है।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इन अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के बजाय पुलिस प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ दिखाई दे रहा है। दिन-दहाड़े और रात के अंधेरे में चल रहे इन जुए के अड्डों ने क्षेत्र के युवाओं को बर्बादी की राह पर धकेलना शुरू कर दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जुए की लत ने कई परिवारों को आर्थिक और सामाजिक रूप से तोड़ दिया है। कम उम्र के युवक पढ़ाई-लिखाई और रोजगार छोड़कर इस दलदल में फंसते जा रहे हैं। सवाल यह है कि जो लोग युवाओं को जुए की ओर खींच रहे हैं, उन्हें संरक्षण कौन दे रहा है? और आखिर बैतूल की आने वाली पीढ़ी का भविष्य क्या होगा?
बैतूल की शांत फिजा में जहर घोल रहे इन जुआरियों पर सख्त कार्रवाई की मांग अब ज़ोर पकड़ रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह सामाजिक बीमारी और गहराती जाएगी, जिसका खामियाजा पूरे जिले को भुगतना पड़ेगा। बैतूल पुलिस अधीक्षक एसपी वीरेंद्र जैन द्वारा चलाए जा रहा अभियान को भी कमजोर कर रहे

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