नपा के सम्मेलन में आज उठेगा एमराल्ड हेरीटेज को कालोनी विकास की अनुज्ञा का मामला
9 हजार 200 वर्ग मीटर की रजिस्ट्री और अनुज्ञा 22 हजार 958 वर्ग मीटर की
✍️ बैतूल इरशाद खान
बैतूल। गांधी वार्ड स्थित वर्तमान जेल परिसर में एमराल्ड हेरीटेज को दी गई कालोनी विकास की अनुज्ञा पर गंभीर प्रश्र चिन्ह लग गया है। इसे निरस्त किए जाने की मांग हो रही है। नगरपालिका बैतूल में नेता प्रतिपक्ष राजकुमार दीवान ने सीएमओ बैतूल को एक पत्र लिखकर बुधवार को परिषद के सम्मेलन में इस कालोनी विकास की अनुज्ञा पर चर्चा कराए जाने की मांग भी की है। नेता प्रतिपक्ष राजकुमार दीवान का कहना है कि परिषद की बैठक में इस मामले को उठाया जाएगा। उन्होंने बताया कि एमराल्ड हेरीटेज को पुर्नघनत्वीकरण नीति के तहत जितनी भूमि की रजिस्ट्री कर स्वामित्व दिया गया है। उससे डेढ़ गुणा ज्यादा जमीन पर उसे कालोनी विकास की अनुज्ञा दे दी गई। जबकि नियम स्पष्ट है कि जितनी भूमि पर स्वामित्व प्राप्त होता है उतनी ही भूमि पर कालोनी विकास की अनुज्ञा दी जा सकती है। राजकुमार दीवान ने बताया कि शासन ने 3 जुलाई 2024 को 9 हजार 200 वर्ग मीटर भूमि की रजिस्ट्री एमराल्ड हेरीटेज और एसएस अन्नपूर्णा नामक फर्म को की।। वहीं 28 नवंबर 2924 को टीएनसीपी बैतूल ने इस फर्म को उस खसरे में 22 हजार 958 वर्ग मीटर की कालोनी विकास की अनुमति प्रदान कर दी। इसके बाद नगरपालिका बैतूल ने 22 जुलाई 2025 को 22 हजार 196 वर्ग मीटर में कालोनी विकास की अनुज्ञा दे दी। जबकि उक्त फर्म के पास वर्तमान स्थिति में रजिस्ट्री के अनुसार मात्र 9 हजार 200 वर्ग मीटर का ही आधिपत्य है। दीवान के अनुसार यह एक तरह की धोखाधड़ी है। इस मामले में नपा को तत्काल कालोनी विकास की अनुज्ञा निरस्त करनी चाहिए। उनका कहना है कि इस तरह की अनुज्ञा के कारण नपा को तगड़ी आर्थिक क्षति भी हो रही है। उन्होंने पूरे मामले में अनुज्ञा निरस्त कर उच्च स्तरीय जांच की मांग भी की है।
इनका कहना...
यदि ऐसा हुआ है तो कालोनी संबंधी कार्य देखने वाले सब इंजीनियर नगेंद्र वागद्रे इसका परिक्षण करेंगे और नियम के अनुसार अनुज्ञा नहीं है तो उसे निरस्त कर दिया जाएगा।
सतीश मटसेनिया, सीएमओ नपा बैतूल
प्राधिकार समिति ने एमराल्ड हेरीटेज को पुर्नघनत्वीकरण में जितनी भूमि देना प्रस्तावित किया है। उसके आधार पर टीएनसीपी दी गई। अभी भले ही 9 हजार 200 की रजिस्ट्री की है लेकिन बाकी जमीन भी भविष्य में मिलेगी।
विनोद परस्ते, सहायक संचालक टीएनसीपी
जो अनुज्ञा दी गई है वह नियमों के विपरित है। अनुज्ञा उतनी भूमि की ही दी जा सकती जितनी की रजिस्ट्री होती है। मुझे ज्ञात हुआ कि यह मामला विधानसभा में भी उठेगा।
मुकेश लुल्ला, जेल मामले के जानकार।
नोट- उक्त जानकारी आवेदक/ शिकायतकर्ता द्वारा मीडिया प्रतिनिधियों को सूचनार्थ प्रेषित की गई है। विस्तृत जानकारी के लिए संपर्क करें +918770342603

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