फ्लैग मार्च के दौरान आरपीएफ प्रधान आरक्षक ने दिखाई मानवता, बीमार बुजुर्ग महिला को गोद में उठाकर ट्रेन तक पहुंचाया

 फ्लैग मार्च के दौरान आरपीएफ प्रधान आरक्षक ने दिखाई मानवता, बीमार बुजुर्ग महिला को गोद में उठाकर ट्रेन तक पहुंचाया

✍️ बैतूल इरशाद खान 





बैतूल।

आज दिनांक 23 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के पूर्व सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आरपीएफ पोस्ट बैतूल के निरीक्षक महोदय श्री राजेश बनकर के आदेशानुसार रेलवे स्टेशन पर डेली फ्लैग मार्च किया जा रहा था। इसी दौरान प्लेटफार्म नंबर 1 से छिंदवाड़ा पैसेंजर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर चुकी थी।

ट्रेन के रवाना होते समय पीछे एक बीमार बुजुर्ग महिला घबराई हुई चिल्लाती नजर आई –

“कोई ट्रेन रोको, मेरा बेटा ट्रेन में चला गया है, मैं छूट गई हूं।”

महिला की आवाज सुनकर फ्लैग मार्च में तैनात अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए ट्रेन मैनेजर से संपर्क कर ट्रेन को धीमा करवाया। लेकिन महिला कमजोरी और घबराहट के कारण दौड़ने की स्थिति में नहीं थी।

यह दृश्य वहां मौजूद प्रधान आरक्षक संतोष कुमार पटेल से देखा नहीं गया। उल्लेखनीय है कि वे स्वयं कैंसर का इलाज करा रहे हैं और वर्तमान में लाइट जॉब ड्यूटी पर तैनात हैं। इसके बावजूद उन्होंने मानवता और कर्तव्य का परिचय देते हुए बुजुर्ग महिला को गोद में उठाया और सुरक्षित रूप से ट्रेन तक पहुंचाया।

प्रधान आरक्षक की मदद से महिला अपने बेटे के पास ट्रेन में सकुशल पहुंच गई। इस दौरान महिला भावुक हो गई और उसने आरपीएफ विभाग एवं प्रधान आरक्षक संतोष कुमार पटेल को दिल से धन्यवाद दिया।

यह घटना आरपीएफ के मानवीय चेहरे को दर्शाती है, जहां कर्तव्य के साथ-साथ संवेदनशीलता और सेवा भाव भी सर्वोपरि है।

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