सेवा, संस्कार और राष्ट्रनिष्ठा का जीवंत उदाहरण हैं वीरेंद्र बिलगैया

 इरशाद खान 

सेवा, संस्कार और राष्ट्रनिष्ठा का जीवंत उदाहरण हैं वीरेंद्र बिलगैया

बैतूल। जब कोई व्यक्ति बिना किसी अपेक्षा के समाज और राष्ट्र के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर देता है, तो उसका जीवन स्वयं एक प्रेरक संदेश बन जाता है। सेवा, संस्कार और राष्ट्रनिष्ठा के इन्हीं मूल्यों को अपने आचरण और कर्म से जीने वाले वीरेंद्र बिलगैया को उनके जन्मदिवस के अवसर पर शुभकामनाए एवं सम्मान व्यक्त किया जा रहा है। उनका जीवन निःस्वार्थ सेवा, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का सशक्त उदाहरण है।

 वीरेंद्र बिलगैया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्कारों में पले-बढ़े हैं। उन्होंने संघ में तहसील विस्तारक, जिला बौद्धिक प्रमुख और जिला धर्म जागरण प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करते हुए संगठन और समाज के बीच सेतु का कार्य किया। गौ-संरक्षण, ग्राम संस्कृति और भारतीय परंपराओं के संरक्षण के लिए उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने विश्वमंगल गौग्राम यात्रा में पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में सेवा दी तथा रामसेतु रक्षा मंच के जिला संयोजक के रूप में सांस्कृतिक चेतना के प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाई।

इसके साथ ही वे विश्व हिंदू परिषद में विभाग संगठन मंत्री और प्रांत गोरक्षा प्रमुख रहे हैं। राजनीतिक क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के प्रशिक्षण विभाग के जिला संयोजक और किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने जिम्मेदारी निभाई। वर्तमान में वे एकल अभियान हरिकथा के भाग सचिव हैं और गौ ग्राम संस्कृति संरक्षण समिति के संस्थापक के रूप में चले प्रकृति की ओर, चले ग्राम की ओर, चले गाय की ओर के संदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। संत निक्कूदास आश्रम रानीपुर से जुड़कर वे आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। प्रति मंगलवार पंच परिवर्तन के उद्देश्य से छावल माता तक पदयात्रा उनका अनुशासित और सेवा-भावी जीवन दर्शाती है। सरल स्वभाव और निरंतर जमीनी कार्य ही उनकी सबसे बड़ी पहचान है।

 वीरेन्द्र बिलगैया को जन्मदिवस (12 जनवरी) की हार्दिक शुभकामनाएं।

ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरंतर समाज व राष्ट्रसेवा के लिए ऊर्जा प्रदान करने की कामना है।

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